नई दिल्ली/चंडीगढ़, 3 अप्रैल
आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने आज लोकसभा में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया और केंद्र सरकार से बंदी सिंहों (सिख कैदियों) की रिहाई के संबंध में 2019 में किए गए अपने वादे को पूरा करने की अपील की।
कंग ने सदन को याद दिलाया कि 2019 में प्रधान मंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने इन कैदियों की रिहाई की बात की थी जो पहले से ही 25-30 वर्षों से जेलों में बंद हैं और अपनी पूरी सजा काट चुके हैं। उस वक्त बाकायदा अधिसूचना भी जारी की गई थी, लेकिन छह साल बाद भी ये कैदी आज जेल में बंद हैं।
मुद्दे के मानवीय पहलू पर प्रकाश डालते हुए कंग ने इस बात पर जोर दिया कि इन व्यक्तियों ने पहले ही अपनी कानूनी सजा पूरी कर ली है और उन्हें अब सलाखों के पीछे नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका लंबे समय तक कारावास मानवाधिकारों का भी उल्लंघन है और न्याय के सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
उन्होंने सरकार से इन कैदियों की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थितियों पर विचार करने और उनकी रिहाई के प्रति दयालु दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। कंग ने कहा, "भारत सरकार ने 2019 में एक आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से पंजाब के लोगों के प्रति प्रतिबद्धता जताई थी। अब उस वादे को पूरा करने और बंदी सिंहों की रिहाई सुनिश्चित करने का समय आ गया है।"